Ram Ko Dekh Kar Janak Nandini Lyrics | राम को देख कर

Ram Ko Dekh Kar Janak Nandini Lyrics In Hindi

Ram Ko Dekh Kar Janak Nandini Lyrics In Hindi

राम को देख कर के जनक नंदिनी,
बाग में वो खड़ी की खड़ी रह गयी !
राम देखे सिया माँ सिया राम को,
चारो अँखिआ लड़ी की लड़ी रह गयी॥

थे जनक पुर गये देखने के लिए,
सारी सखियाँ झरोखो से झाँकन लगे !
देखते ही नजर मिल गयी प्रेम की,
जो जहाँ थी खड़ी की खड़ी रह गयी॥
!! श्री राम को देख कर के श्री जनक नंदिनी. !!

बोली एक सखी राम को देखकर,
रच गयी है विधाता ने जोड़ी सुघर !
पर धनुष कैसे तोड़ेंगे वारे कुंवर,
मन में शंका बनी की बनी रह गयी॥
!! श्री राम को देख कर के श्री जनक नंदिनी. !!

बोली दूसरी सखी छोटन देखन में है,
फिर चमत्कार इनका नहीं जानती !
एक ही बाण में ताड़िका राक्षसी,
उठ सकी ना पड़ी की पड़ी रह गयी॥
!! श्री राम को देख कर के श्री जनक नंदिनी. !!

राम को देख कर के जनक नंदिनी,
बाग में वो खड़ी की खड़ी रह गयी !
राम देखे सिया को सिया राम को,
चारो अँखिआ लड़ी की लड़ी रह गयी ॥

Ram Ko Dekh Kar Janak Nandini Lyrics In English

Ram ko dekh kar ke Janak Nandini, Bag mein wo khadi ki khadi rah gayi! Ram dekhe Siya Maan Siya Ram ko, Charo ankhiya ladi ki ladi rah gayi!!

The Janak went to see, All the friends peeked from the windows! As soon as love was sighted, Wherever it was standing, it stayed standing!!

One friend said after seeing Ram, The Creator has made a perfect match! But how will the prince break the bow, Doubt arose and remained!

Another friend said seeing the prince, The wonder of these things is unknown! With just one arrow, she tamed the demoness, Could neither rise nor fall!

Ram ko dekh kar ke Janak Nandini, Bag mein wo khadi ki khadi rah gayi! Ram dekhe Siya ko Siya Ram ko, Charo ankhiya ladi ki ladi rah gayi!!